Explore more Articles in
आरती
🔱 ॐ कालरात्रि माता की आरती 🔱
कालरात्रि जय जय महाकाली।काल के मुँह से बचानेवाली।।
दुष्ट संहारक नाम तुम्हारा।महाचंडी तेरा अवतारा।।
पृथ्वी और आकाश पे सारा।महाकाली है तेरा पसारा।।
खप्पर खड्ग रखनेवाली।दुष्टों का लहू...
|| माँ कामाख्या देवी की आरती ||
आरती कामाक्षा देवी की ।जगत् उधारक सुर सेवी की ॥
गावत वेद पुरान कहानी ।योनिरुप तुम हो महारानी ॥सुर ब्रह्मादिक आदि बखानी ।लहे दरस सब...
|| शीतला माता की आरती ||
जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता,आदि ज्योति महारानी सब फल की दाता। जय शीतला माता…
रतन सिंहासन शोभित, श्वेत छत्र भ्राता,ऋद्धि-सिद्धि चंवर ढुलावें, जगमग...
|| श्री तुलसी माता आरती ||
जय जय तुलसी मातासब जग की सुख दाता, वर दाताजय जय तुलसी माता॥
सब योगों के ऊपर, सब रोगों के ऊपररुज से रक्षा कर के...
|| संतोषी माता की आरती ||
जय संतोषी माता, मैया जय संतोषी माता।अपने सेवक जन को, सुख संपत्ति दाता।।जय संतोषी माता, मैया जय संतोषी माता..
सुंदर, चीर सुनहरी, मां धारण कीन्हो।हीरा...
॥ आरती श्री गंगा जी ॥
ॐ जय गंगे माता,मैया जय गंगे माता।
जो नर तुमको ध्याता,मनवांछित फल पाता॥
ॐ जय गंगे माता॥
चन्द्र-सी ज्योति तुम्हारी,जल निर्मल आता।
शरण पड़े जो तेरी,सो नर तर...
॥ माँ सरस्वती आरती ॥
जय सरस्वती माता, मैया जय सरस्वती माता।सदगुण वैभवशालिनी, त्रिभुवन विख्याता॥जय सरस्वती माता॥
चन्द्रवदनि पद्मासिनि, दृगति मंगलकारी।सोहे शुभ हंस सवारी, अतुल तेजधारी॥जय सरस्वती माता॥
बाएँ कर में...
|| माँ दुर्गा आरती ||
जय अम्बे गौरी मैया जय मंगल मूर्ति।तुमको निसदिन ध्यावत हरि ब्रह्मा शिव री।।
मांग सिंदूर विराजत टीको मृगमद को।उज्ज्वल से दौड़ नैना चंद्रबदन नीको।।
कनक समान...
॥ माँ काली की आरती ॥
अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली,
तेरे ही गुण गावें भारती, ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती।
ओ मैया हम सब उतारे...
॥ आरती श्री लक्ष्मी जी ॥
ॐ जय लक्ष्मी माता,मैया जय लक्ष्मी माता।
तुमको निशिदिन सेवत,हरि विष्णु विधाता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता॥
उमा, रमा, ब्रह्माणी,तुम ही जग-माता।
सूर्य-चन्द्रमा ध्यावत,नारद ऋषि गाता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता॥
दुर्गा...


