Thursday, May 14, 2026

बटुक भैरव नाथ जी की दिव्य लीला

काशी सदैव से ही शिव की प्रिय नगरी रही है। काशी के कण-कण में महादेव स्वयं बसते हैं। एक समय की बात है काशी...

अष्टलक्ष्मी स्तोत्रम्

॥ अष्टलक्ष्मी स्तोत्रम् ॥ ॥ आदिलक्ष्मि ॥ सुमनस वन्दित सुन्दरि माधवि, चन्द्र सहोदरि हेममयेमुनिगणमण्डित मोक्षप्रदायनि, मञ्जुळभाषिणि वेदनुते।पङ्कजवासिनि देवसुपूजित, सद्गुण वर्षिणि शान्तियुतेजय...

॥ महिषासुर मर्दिनि स्तोत्रम् ॥

॥ महिषासुर मर्दिनि स्तोत्रम् ॥ अयि गिरिनन्दिनि नन्दितमेदिनि विश्वविनोदिनि नन्दिनुते गिरिवरविन्ध्यशिरोऽधिनिवासिनि...

अर्गला स्तोत्रम

॥ अथार्गलास्तोत्रम् ॥ ॐ अस्य श्रीअर्गलास्तोत्रमन्त्रस्य विष्णुर्ऋषिः,अनुष्टुप् छन्दः,श्रीमहालक्ष्मीर्देवता, श्रीजगदम्बाप्रीतयेसप्तशतीपाठाङ्गत्वेन जपे...

शिव मृत्युञ्जय स्तोत्रम्

॥ शिव मृत्युञ्जय स्तोत्रम् ॥ रत्नसानुशरासनं रजताद्रिश‍ृङ्गनिकेतनंशिञ्जिनीकृतपन्नगेश्वरमच्युतानलसायकम्।क्षिप्रदग्धपुरत्रयं त्रिदशालयैरभिवन्दितंचन्द्रशेखरमाश्रये मम किं...

शिव रक्षा स्तोत्रम्

॥ श्रीशिवरक्षास्तोत्रम् ॥ ॥ विनियोग ॥ श्री गणेशाय नमः॥अस्य श्रीशिवरक्षास्तोत्रमन्त्रस्य याज्ञवल्क्य...

Durga Saptashati Devimayi

॥ देवीमयी ॥ तव च का किल न स्तुतिरम्बिके!सकलशब्दमयी किल...

चालीसा

श्री महालक्ष्मी चालीसा

॥ दोहा ॥ जय जय श्री महालक्ष्मी, करूँ मात तव ध्यान।सिद्ध काज मम किजिये, निज शिशु सेवक जान॥ ॥ चौपाई ॥ नमो...

श्री कुबेर चालीसा

॥ दोहा ॥ जैसे अटल हिमालय, और जैसे अडिग सुमेर।ऐसे ही स्वर्ग द्वार पै, अविचल खड़े कुबेर॥ विघ्न हरण मंगल करण,...

श्री कृष्ण चालीसा

॥ दोहा ॥ बंशी शोभित कर मधुर, नील जलद तन श्याम।अरुण अधर जनु बिम्बा फल, पिताम्बर शुभ साज॥ जय मनमोहन मदन...

आरती

श्री बजरंग बाण

श्री बजरंग बाण ॥ दोहा ॥ निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय करै सनमान।तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करै हनुमान॥ ॥ चौपाई...

॥ श्री बटुक भैरव चालीसा ॥

॥ दोहा ॥ विश्वनाथ को सुमिर मन,  धर गणेश का ध्यान। भैरव चालीसा रचूं,  कृपा करहु भगवान॥ बटुकनाथ भैरव भजू,  श्री काली...

श्री महालक्ष्मी चालीसा

॥ दोहा ॥ जय जय श्री महालक्ष्मी, करूँ मात तव ध्यान।सिद्ध काज मम किजिये, निज शिशु सेवक जान॥ ॥ चौपाई ॥ नमो...

Read Now

Lord Kailasavasi Aarti

॥ भगवान कैलासवासी आरती ॥ शीश गंग अर्धन्ग पार्वतीसदा विराजत...

॥ श्री बालाजी आरती ॥

॥ श्री बालाजी आरती ॥ ॐ जय हनुमत वीरास्वामी जय...

॥ आरती गजबदन विनायक की ॥

॥ आरती गजबदन विनायक की ॥ आरती गजबदन विनायक की।...

बटुक भैरव नाथ जी की दिव्य लीला

काशी सदैव से ही शिव की प्रिय नगरी रही...

श्री बजरंग बाण

श्री बजरंग बाण ॥ दोहा ॥ निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय...

॥ श्री बटुक भैरव आरती ॥

॥ श्री बटुक भैरव आरती ॥ जय भैरव देवा प्रभुजय...

Most Popular

Stories To Indulge In

रास लीला – जब प्रेम ने समय को रोक दिया

जहां राधा हैं, वहां रस है – और जहां रस है,...

बटुक भैरव नाथ जी की दिव्य लीला

काशी सदैव से ही शिव की प्रिय नगरी रही है। काशी...

सीधी भक्ति, सच्चा संवाद — कन्हैया और किसान

एक समय की बात है वृंदावन में एक छोटे से गाँव...

Take a Deep Dive

शिव अष्टकम

॥ अथ श्री शिवाष्टकम् ॥ प्रभुं प्राणनाथं विभुं विश्वनाथंजगन्नाथ नाथं सदानन्द भाजाम्।भवद्भव्य भूतेश्वरं भूतनाथं, शिवं शङ्करं शम्भु मीशानमीडे॥1॥ गले रुण्डमालं तनौ सर्पजालंमहाकाल कालं गणेशादि पालम्।जटाजूट गङ्गोत्तरङ्गै...

शिव रामाष्टकम

॥ श्री शिवरामाष्टकस्तोत्रम् ॥ शिवहरे शिवराम सखे प्रभो, त्रिविधताप-निवारण हे...

शिव अष्टकम

॥ अथ श्री शिवाष्टकम् ॥ प्रभुं प्राणनाथं विभुं विश्वनाथंजगन्नाथ नाथं...

Adi Shankara Krit Shivashtakam

॥ शिवाष्टकम् ॥ तस्मै नमः परमकारणकारणायदीप्तोज्ज्वलज्ज्वलितपिङ्गललोचनाय। नागेन्द्रहारकृतकुण्डलभूषणायब्रह्मेन्द्रविष्णुवरदाय नमः शिवाय॥1॥ श्रीमत्प्रसन्नशशिपन्नगभूषणायशैलेन्द्रजावदनचुम्बितलोचनाय।कैलासमन्दरमहेन्द्रनिकेतनायलोकत्रयार्तिहरणाय नमः शिवाय॥2॥ पद्मावदातमणिकुण्डलगोवृषायकृष्णागरुप्रचुरचन्दनचर्चिताय।भस्मानुषक्तविकचोत्पलमल्लिकायनीलाब्जकण्ठसदृशाय...

Achyuta Ashtakam

॥ अच्युताष्टकम् ॥ अच्युतं केशवं रामनारायणंकृष्णदामोदरं वासुदेवं हरिम्।श्रीधरं माधवं गोपिकावल्लभंजानकीनायकं...

श्री विष्णु दशावतार स्तोत्रम्

॥ श्री विष्णु दशावतार स्तोत्रम् ॥ प्रलयपयोधिजले धृतवानसि वेदम्।विहितवहित्रचरित्रमखेदम्॥केशव धृतमीनशरीर जय जगदीश हरे॥1॥ क्षितिरतिविपुलतरे तव तिष्ठति...

परमेश्वर स्तुति स्तोत्रम्

॥ परमेश्वर स्तुति स्तोत्रम् ॥ त्वमेकः शुद्धोऽसि त्वयि निगमबाह्या मलमयंप्रपञ्चं पश्यन्ति भ्रमपरवशाः पापनिरताः।बहिस्तेभ्यः कृत्वा स्वपदशरणं...

Explore the History

Lord Kailasavasi Aarti

॥ भगवान कैलासवासी आरती ॥ शीश...

बटुक भैरव नाथ जी की दिव्य लीला

काशी सदैव से ही शिव की प्रिय नगरी रही है। काशी के कण-कण में महादेव स्वयं बसते हैं। एक समय की बात है काशी नगरी में ऐसी लीला प्रकट...

अटूट भक्ति और निस्वार्थ सेवा की अमर कथा

भगवान हनुमान जी का नाम मन में आते ही एक ऐसी शक्ति का अनुभव होता है जो डर को नष्ट कर देती है और...

श्री बजरंग बाण

श्री बजरंग बाण ॥ दोहा ॥ निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय करै सनमान।तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करै हनुमान॥ ॥ चौपाई ॥ जय हनुमन्त सन्त हितकारी। सुनि लीजै प्रभु अरज हमारी॥जन के...