Monday, March 2, 2026

बटुक भैरव नाथ जी की दिव्य लीला

काशी सदैव से ही शिव की प्रिय नगरी रही है। काशी के कण-कण में महादेव स्वयं बसते हैं। एक समय की बात है काशी...

अर्गला स्तोत्रम

॥ अथार्गलास्तोत्रम् ॥ ॐ अस्य श्रीअर्गलास्तोत्रमन्त्रस्य विष्णुर्ऋषिः,अनुष्टुप् छन्दः,श्रीमहालक्ष्मीर्देवता, श्रीजगदम्बाप्रीतयेसप्तशतीपाठाङ्गत्वेन जपे विनियोगः॥ ॐ नमश्चण्डिकायै॥ मार्कण्डेय उवाच ॐ जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी।दुर्गा क्षमा शिवा...

शिव मृत्युञ्जय स्तोत्रम्

॥ शिव मृत्युञ्जय स्तोत्रम् ॥ रत्नसानुशरासनं रजताद्रिश‍ृङ्गनिकेतनंशिञ्जिनीकृतपन्नगेश्वरमच्युतानलसायकम्।क्षिप्रदग्धपुरत्रयं त्रिदशालयैरभिवन्दितंचन्द्रशेखरमाश्रये मम किं...

श्री विष्णु दशावतार स्तोत्रम्

॥ श्री विष्णु दशावतार स्तोत्रम् ॥ प्रलयपयोधिजले धृतवानसि वेदम्।विहितवहित्रचरित्रमखेदम्॥केशव धृतमीनशरीर...

शिव मानस पूजा स्तोत्रम्

॥ शिव मानस पूजा स्तोत्रम् ॥ रत्नैः कल्पितमासनं हिमजलैः स्नानं...

अर्गला स्तोत्रम

॥ अथार्गलास्तोत्रम् ॥ ॐ अस्य श्रीअर्गलास्तोत्रमन्त्रस्य विष्णुर्ऋषिः,अनुष्टुप् छन्दः,श्रीमहालक्ष्मीर्देवता, श्रीजगदम्बाप्रीतयेसप्तशतीपाठाङ्गत्वेन जपे...

Durga Saptashati Devimayi

॥ देवीमयी ॥ तव च का किल न स्तुतिरम्बिके!सकलशब्दमयी किल...

चालीसा

॥ श्री शीतला चालीसा॥

॥ दोहा ॥ जय-जय माता शीतला,  तुमहिं धरै जो ध्यान। होय विमल शीतल हृदय,  विकसै बुद्धि बलज्ञान॥ ॥ चौपाई ॥ जय-जय-जय शीतला भवानी। ...

श्री कृष्ण चालीसा

॥ दोहा ॥ बंशी शोभित कर मधुर, नील जलद तन श्याम।अरुण अधर जनु बिम्बा फल, पिताम्बर शुभ साज॥ जय मनमोहन मदन...

॥ श्री गणेश चालीसा ॥

॥ दोहा ॥ जय गणपति सदगुण सदन,  कविवर बदन कृपाल। विघ्न हरण मंगल करण,  जय जय गिरिजालाल॥ ॥ चौपाई ॥ जय जय जय...

आरती

॥ श्री दुर्गा चालीसा ॥

॥ चौपाई ॥ ******** नमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो अम्बे दुःख हरनी॥ निराकार है ज्योति तुम्हारी। तिहूँ लोक फैली उजियारी॥ शशि...

॥ श्री शीतला चालीसा॥

॥ दोहा ॥ जय-जय माता शीतला,  तुमहिं धरै जो ध्यान। होय विमल शीतल हृदय,  विकसै बुद्धि बलज्ञान॥ ॥ चौपाई ॥ जय-जय-जय शीतला भवानी। ...

श्री लक्ष्मी चालीसा

॥ दोहा ॥ मातु लक्ष्मी करि कृपा, करो हृदय में वास।मनोकामना सिद्ध करि, परुवहु मेरी आस॥ ॥ सोरठा ॥ यही मोर अरदास,...

Read Now

Lord Kailasavasi Aarti

॥ भगवान कैलासवासी आरती ॥ शीश गंग अर्धन्ग पार्वतीसदा विराजत...

॥ श्री बालाजी आरती ॥

॥ श्री बालाजी आरती ॥ ॐ जय हनुमत वीरास्वामी जय...

॥ आरती गजबदन विनायक की ॥

॥ आरती गजबदन विनायक की ॥ आरती गजबदन विनायक की।...

बटुक भैरव नाथ जी की दिव्य लीला

काशी सदैव से ही शिव की प्रिय नगरी रही...

श्री बजरंग बाण

श्री बजरंग बाण ॥ दोहा ॥ निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय...

॥ श्री बटुक भैरव आरती ॥

॥ श्री बटुक भैरव आरती ॥ जय भैरव देवा प्रभुजय...

Most Popular

Stories To Indulge In

राधा-कृष्ण का मिलन – आत्मा का परमात्मा से संगम

“राधा का प्रेम, कृष्ण का भाव–जब दोनों एक हुए, तब बना...

सीधी भक्ति, सच्चा संवाद — कन्हैया और किसान

एक समय की बात है वृंदावन में एक छोटे से गाँव...

ना मंदिर जा सकी मां, तो ठाकुर खुद घर आ गए

एक समय की बात है जब वृंदावन में एक बूढ़ी विधवा...

Take a Deep Dive

शिव अष्टकम

॥ अथ श्री शिवाष्टकम् ॥ प्रभुं प्राणनाथं विभुं विश्वनाथंजगन्नाथ नाथं सदानन्द भाजाम्।भवद्भव्य भूतेश्वरं भूतनाथं, शिवं शङ्करं शम्भु मीशानमीडे॥1॥ गले रुण्डमालं तनौ सर्पजालंमहाकाल कालं गणेशादि पालम्।जटाजूट गङ्गोत्तरङ्गै...

शिव रामाष्टकम

॥ श्री शिवरामाष्टकस्तोत्रम् ॥ शिवहरे शिवराम सखे प्रभो, त्रिविधताप-निवारण हे...

शिव अष्टकम

॥ अथ श्री शिवाष्टकम् ॥ प्रभुं प्राणनाथं विभुं विश्वनाथंजगन्नाथ नाथं...

Adi Shankara Krit Shivashtakam

॥ शिवाष्टकम् ॥ तस्मै नमः परमकारणकारणायदीप्तोज्ज्वलज्ज्वलितपिङ्गललोचनाय। नागेन्द्रहारकृतकुण्डलभूषणायब्रह्मेन्द्रविष्णुवरदाय नमः शिवाय॥1॥ श्रीमत्प्रसन्नशशिपन्नगभूषणायशैलेन्द्रजावदनचुम्बितलोचनाय।कैलासमन्दरमहेन्द्रनिकेतनायलोकत्रयार्तिहरणाय नमः शिवाय॥2॥ पद्मावदातमणिकुण्डलगोवृषायकृष्णागरुप्रचुरचन्दनचर्चिताय।भस्मानुषक्तविकचोत्पलमल्लिकायनीलाब्जकण्ठसदृशाय...

Achyuta Ashtakam

॥ अच्युताष्टकम् ॥ अच्युतं केशवं रामनारायणंकृष्णदामोदरं वासुदेवं हरिम्।श्रीधरं माधवं गोपिकावल्लभंजानकीनायकं...

श्री विष्णु दशावतार स्तोत्रम्

॥ श्री विष्णु दशावतार स्तोत्रम् ॥ प्रलयपयोधिजले धृतवानसि वेदम्।विहितवहित्रचरित्रमखेदम्॥केशव धृतमीनशरीर जय जगदीश हरे॥1॥ क्षितिरतिविपुलतरे तव तिष्ठति...

परमेश्वर स्तुति स्तोत्रम्

॥ परमेश्वर स्तुति स्तोत्रम् ॥ त्वमेकः शुद्धोऽसि त्वयि निगमबाह्या मलमयंप्रपञ्चं पश्यन्ति भ्रमपरवशाः पापनिरताः।बहिस्तेभ्यः कृत्वा स्वपदशरणं...

Explore the History

Lord Kailasavasi Aarti

॥ भगवान कैलासवासी आरती ॥ शीश...

बटुक भैरव नाथ जी की दिव्य लीला

काशी सदैव से ही शिव की प्रिय नगरी रही है। काशी के कण-कण में महादेव स्वयं बसते हैं। एक समय की बात है काशी नगरी में ऐसी लीला प्रकट...

अटूट भक्ति और निस्वार्थ सेवा की अमर कथा

भगवान हनुमान जी का नाम मन में आते ही एक ऐसी शक्ति का अनुभव होता है जो डर को नष्ट कर देती है और...

श्री बजरंग बाण

श्री बजरंग बाण ॥ दोहा ॥ निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय करै सनमान।तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करै हनुमान॥ ॥ चौपाई ॥ जय हनुमन्त सन्त हितकारी। सुनि लीजै प्रभु अरज हमारी॥जन के...