Saturday, May 30, 2026

बटुक भैरव नाथ जी की दिव्य लीला

काशी सदैव से ही शिव की प्रिय नगरी रही है। काशी के कण-कण में महादेव स्वयं बसते हैं। एक समय की बात है काशी...

परमेश्वर स्तुति स्तोत्रम्

॥ परमेश्वर स्तुति स्तोत्रम् ॥ त्वमेकः शुद्धोऽसि त्वयि निगमबाह्या मलमयंप्रपञ्चं पश्यन्ति भ्रमपरवशाः पापनिरताः।बहिस्तेभ्यः कृत्वा स्वपदशरणं मानय विभोगजेन्द्रे दृष्टं ते शरणद...

शिव द्वादशज्योतिर्लिङ्ग स्तोत्रम्

॥ शिव द्वादशज्योतिर्लिङ्ग स्तोत्रम् ॥ सौराष्ट्रदेशे विशदेऽतिरम्येज्योतिर्मयं चन्द्रकलावतंसम्।भक्तिप्रदानाय कृपावतीर्णतं सोमनाथं...

॥ शिव पञ्चाक्षर स्तोत्रम् ॥

॥ शिव पञ्चाक्षर स्तोत्रम् ॥ नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनायभस्माङ्गरागाय महेश्वराय। नित्याय शुद्धाय दिगम्बरायतस्मै...

शिव रक्षा स्तोत्रम्

॥ श्रीशिवरक्षास्तोत्रम् ॥ ॥ विनियोग ॥ श्री गणेशाय नमः॥अस्य श्रीशिवरक्षास्तोत्रमन्त्रस्य याज्ञवल्क्य...

॥ शिव ताण्डव स्तोत्रम् ॥

॥ शिव ताण्डव स्तोत्रम् ॥ जटाटवीगलज्जल प्रवाहपावितस्थले गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम्। डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं चकार...

Durga Saptashati Devimayi

॥ देवीमयी ॥ तव च का किल न स्तुतिरम्बिके!सकलशब्दमयी किल...

चालीसा

॥ हनुमान चालीसा ॥

॥ दोहा ॥ ********** श्री गुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुर सुधारि। बरनउं रघुबर विमल जसु, जो दायकु फल चारि॥ बुद्धिहीन तनु...

॥ श्री विन्ध्येश्वरी चालीसा॥

॥ दोहा ॥ नमो नमो विन्ध्येश्वरी,  नमो नमो जगदम्ब। सन्तजनों के काज में,  माँ करती नहीं विलम्ब॥ ॥ चौपाई ॥ जय जय जय...

॥ शिव चालीसा  ॥

******* ॥ दोहा ॥ जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान। कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान॥ ॥ चौपाई ॥ जय गिरिजा पति दीन...

आरती

॥ श्री ललिता त्रिपुरसुंदरी चालीसा ॥

॥ चौपाई ॥ जयति जयति जय ललिते माता।  तव गुण महिमा है विख्याता॥ तू सुन्दरी, त्रिपुरेश्वरी देवी।  सुर नर मुनि तेरे...

॥ श्री दुर्गा चालीसा ॥

॥ चौपाई ॥ ******** नमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो अम्बे दुःख हरनी॥ निराकार है ज्योति तुम्हारी। तिहूँ लोक फैली उजियारी॥ शशि...

॥ श्री शीतला चालीसा॥

॥ दोहा ॥ जय-जय माता शीतला,  तुमहिं धरै जो ध्यान। होय विमल शीतल हृदय,  विकसै बुद्धि बलज्ञान॥ ॥ चौपाई ॥ जय-जय-जय शीतला भवानी। ...

Read Now

Lord Kailasavasi Aarti

॥ भगवान कैलासवासी आरती ॥ शीश गंग अर्धन्ग पार्वतीसदा विराजत...

॥ श्री बालाजी आरती ॥

॥ श्री बालाजी आरती ॥ ॐ जय हनुमत वीरास्वामी जय...

॥ आरती गजबदन विनायक की ॥

॥ आरती गजबदन विनायक की ॥ आरती गजबदन विनायक की।...

बटुक भैरव नाथ जी की दिव्य लीला

काशी सदैव से ही शिव की प्रिय नगरी रही...

श्री बजरंग बाण

श्री बजरंग बाण ॥ दोहा ॥ निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय...

॥ श्री बटुक भैरव आरती ॥

॥ श्री बटुक भैरव आरती ॥ जय भैरव देवा प्रभुजय...

Most Popular

Stories To Indulge In

चैतन्य महाप्रभु और राधा भाव की लीला

🌸 लीला जो श्री कृष्णा ने भी राधा बनकर जी— चैतन्य...

ना मंदिर जा सकी मां, तो ठाकुर खुद घर आ गए

एक समय की बात है जब वृंदावन में एक बूढ़ी विधवा...

बटुक भैरव नाथ जी की दिव्य लीला

काशी सदैव से ही शिव की प्रिय नगरी रही है। काशी...

Take a Deep Dive

शिव अष्टकम

॥ अथ श्री शिवाष्टकम् ॥ प्रभुं प्राणनाथं विभुं विश्वनाथंजगन्नाथ नाथं सदानन्द भाजाम्।भवद्भव्य भूतेश्वरं भूतनाथं, शिवं शङ्करं शम्भु मीशानमीडे॥1॥ गले रुण्डमालं तनौ सर्पजालंमहाकाल कालं गणेशादि पालम्।जटाजूट गङ्गोत्तरङ्गै...

शिव रामाष्टकम

॥ श्री शिवरामाष्टकस्तोत्रम् ॥ शिवहरे शिवराम सखे प्रभो, त्रिविधताप-निवारण हे...

शिव अष्टकम

॥ अथ श्री शिवाष्टकम् ॥ प्रभुं प्राणनाथं विभुं विश्वनाथंजगन्नाथ नाथं...

Adi Shankara Krit Shivashtakam

॥ शिवाष्टकम् ॥ तस्मै नमः परमकारणकारणायदीप्तोज्ज्वलज्ज्वलितपिङ्गललोचनाय। नागेन्द्रहारकृतकुण्डलभूषणायब्रह्मेन्द्रविष्णुवरदाय नमः शिवाय॥1॥ श्रीमत्प्रसन्नशशिपन्नगभूषणायशैलेन्द्रजावदनचुम्बितलोचनाय।कैलासमन्दरमहेन्द्रनिकेतनायलोकत्रयार्तिहरणाय नमः शिवाय॥2॥ पद्मावदातमणिकुण्डलगोवृषायकृष्णागरुप्रचुरचन्दनचर्चिताय।भस्मानुषक्तविकचोत्पलमल्लिकायनीलाब्जकण्ठसदृशाय...

Achyuta Ashtakam

॥ अच्युताष्टकम् ॥ अच्युतं केशवं रामनारायणंकृष्णदामोदरं वासुदेवं हरिम्।श्रीधरं माधवं गोपिकावल्लभंजानकीनायकं...

श्री विष्णु दशावतार स्तोत्रम्

॥ श्री विष्णु दशावतार स्तोत्रम् ॥ प्रलयपयोधिजले धृतवानसि वेदम्।विहितवहित्रचरित्रमखेदम्॥केशव धृतमीनशरीर जय जगदीश हरे॥1॥ क्षितिरतिविपुलतरे तव तिष्ठति...

परमेश्वर स्तुति स्तोत्रम्

॥ परमेश्वर स्तुति स्तोत्रम् ॥ त्वमेकः शुद्धोऽसि त्वयि निगमबाह्या मलमयंप्रपञ्चं पश्यन्ति भ्रमपरवशाः पापनिरताः।बहिस्तेभ्यः कृत्वा स्वपदशरणं...

Explore the History

Lord Kailasavasi Aarti

॥ भगवान कैलासवासी आरती ॥ शीश...

बटुक भैरव नाथ जी की दिव्य लीला

काशी सदैव से ही शिव की प्रिय नगरी रही है। काशी के कण-कण में महादेव स्वयं बसते हैं। एक समय की बात है काशी नगरी में ऐसी लीला प्रकट...

अटूट भक्ति और निस्वार्थ सेवा की अमर कथा

भगवान हनुमान जी का नाम मन में आते ही एक ऐसी शक्ति का अनुभव होता है जो डर को नष्ट कर देती है और...

श्री बजरंग बाण

श्री बजरंग बाण ॥ दोहा ॥ निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय करै सनमान।तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करै हनुमान॥ ॥ चौपाई ॥ जय हनुमन्त सन्त हितकारी। सुनि लीजै प्रभु अरज हमारी॥जन के...