Sunday, May 24, 2026

बटुक भैरव नाथ जी की दिव्य लीला

काशी सदैव से ही शिव की प्रिय नगरी रही है। काशी के कण-कण में महादेव स्वयं बसते हैं। एक समय की बात है काशी...

॥ शिव पञ्चाक्षर स्तोत्रम् ॥

॥ शिव पञ्चाक्षर स्तोत्रम् ॥ नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनायभस्माङ्गरागाय महेश्वराय। नित्याय शुद्धाय दिगम्बरायतस्मै न काराय नमः शिवाय॥1॥ मन्दाकिनीसलिलचन्दनचर्चितायनन्दीश्वरप्रमथनाथमहेश्वराय। मन्दारपुष्पबहुपुष्पसुपूजितायतस्मै म काराय नमः शिवाय॥2॥ शिवाय गौरीवदनाब्जवृन्दसूर्याय दक्षाध्वरनाशकाय। श्रीनीलकण्ठाय...

शिव रामाष्टकम

॥ श्री शिवरामाष्टकस्तोत्रम् ॥ शिवहरे शिवराम सखे प्रभो, त्रिविधताप-निवारण हे...

॥ महिषासुर मर्दिनि स्तोत्रम् ॥

॥ महिषासुर मर्दिनि स्तोत्रम् ॥ अयि गिरिनन्दिनि नन्दितमेदिनि विश्वविनोदिनि नन्दिनुते गिरिवरविन्ध्यशिरोऽधिनिवासिनि...

॥ शिव ताण्डव स्तोत्रम् ॥

॥ शिव ताण्डव स्तोत्रम् ॥ जटाटवीगलज्जल प्रवाहपावितस्थले गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम्। डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं चकार...

॥ श्री हरि स्तोत्रम् ॥

॥ श्री हरि स्तोत्रम् ॥ जगज्जालपालं चलत्कण्ठमालंशरच्चन्द्रभालं महादैत्यकालं नभोनीलकायं दुरावारमायंसुपद्मासहायम् भजेऽहं...

Durga Saptashati Devimayi

॥ देवीमयी ॥ तव च का किल न स्तुतिरम्बिके!सकलशब्दमयी किल...

चालीसा

॥ श्री विन्ध्येश्वरी चालीसा॥

॥ दोहा ॥ नमो नमो विन्ध्येश्वरी,  नमो नमो जगदम्ब। सन्तजनों के काज में,  माँ करती नहीं विलम्ब॥ ॥ चौपाई ॥ जय जय जय...

॥ श्री दुर्गा चालीसा ॥

॥ चौपाई ॥ ******** नमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो अम्बे दुःख हरनी॥ निराकार है ज्योति तुम्हारी। तिहूँ लोक फैली उजियारी॥ शशि...

श्री गोपाल चालीसा

॥ दोहा ॥ श्री राधापद कमल रज, सिर धरि यमुना कूल।वरणो चालीसा सरस, सकल सुमंगल मूल॥ ॥ चौपाई ॥ जय जय पूरण...

आरती

श्री कृष्ण चालीसा

॥ दोहा ॥ बंशी शोभित कर मधुर, नील जलद तन श्याम।अरुण अधर जनु बिम्बा फल, पिताम्बर शुभ साज॥ जय मनमोहन मदन...

श्री लक्ष्मी चालीसा

॥ दोहा ॥ मातु लक्ष्मी करि कृपा, करो हृदय में वास।मनोकामना सिद्ध करि, परुवहु मेरी आस॥ ॥ सोरठा ॥ यही मोर अरदास,...

श्री कृष्ण चालीसा

॥ दोहा ॥ बंशी शोभित कर मधुर, नील जलद तन श्याम।अरुण अधर जनु बिम्बा फल,पिताम्बर शुभ साज॥ जय मनमोहन मदन छवि,...

Read Now

Lord Kailasavasi Aarti

॥ भगवान कैलासवासी आरती ॥ शीश गंग अर्धन्ग पार्वतीसदा विराजत...

॥ श्री बालाजी आरती ॥

॥ श्री बालाजी आरती ॥ ॐ जय हनुमत वीरास्वामी जय...

॥ आरती गजबदन विनायक की ॥

॥ आरती गजबदन विनायक की ॥ आरती गजबदन विनायक की।...

बटुक भैरव नाथ जी की दिव्य लीला

काशी सदैव से ही शिव की प्रिय नगरी रही...

श्री बजरंग बाण

श्री बजरंग बाण ॥ दोहा ॥ निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय...

॥ श्री बटुक भैरव आरती ॥

॥ श्री बटुक भैरव आरती ॥ जय भैरव देवा प्रभुजय...

Most Popular

Stories To Indulge In

स्वामी हरिदास और बाँके बिहारी जी की प्रकट लीला

एक समय की बात है। वृंदावन की पवित्र भूमि पर एक...

रास लीला – जब प्रेम ने समय को रोक दिया

जहां राधा हैं, वहां रस है – और जहां रस है,...

सावन की पहली कथा: माता पार्वती का कठोर तप

एक समय की बात है। जब मां आदिशक्ति ने हिमगिरी के...

Take a Deep Dive

शिव अष्टकम

॥ अथ श्री शिवाष्टकम् ॥ प्रभुं प्राणनाथं विभुं विश्वनाथंजगन्नाथ नाथं सदानन्द भाजाम्।भवद्भव्य भूतेश्वरं भूतनाथं, शिवं शङ्करं शम्भु मीशानमीडे॥1॥ गले रुण्डमालं तनौ सर्पजालंमहाकाल कालं गणेशादि पालम्।जटाजूट गङ्गोत्तरङ्गै...

शिव रामाष्टकम

॥ श्री शिवरामाष्टकस्तोत्रम् ॥ शिवहरे शिवराम सखे प्रभो, त्रिविधताप-निवारण हे...

शिव अष्टकम

॥ अथ श्री शिवाष्टकम् ॥ प्रभुं प्राणनाथं विभुं विश्वनाथंजगन्नाथ नाथं...

Adi Shankara Krit Shivashtakam

॥ शिवाष्टकम् ॥ तस्मै नमः परमकारणकारणायदीप्तोज्ज्वलज्ज्वलितपिङ्गललोचनाय। नागेन्द्रहारकृतकुण्डलभूषणायब्रह्मेन्द्रविष्णुवरदाय नमः शिवाय॥1॥ श्रीमत्प्रसन्नशशिपन्नगभूषणायशैलेन्द्रजावदनचुम्बितलोचनाय।कैलासमन्दरमहेन्द्रनिकेतनायलोकत्रयार्तिहरणाय नमः शिवाय॥2॥ पद्मावदातमणिकुण्डलगोवृषायकृष्णागरुप्रचुरचन्दनचर्चिताय।भस्मानुषक्तविकचोत्पलमल्लिकायनीलाब्जकण्ठसदृशाय...

Achyuta Ashtakam

॥ अच्युताष्टकम् ॥ अच्युतं केशवं रामनारायणंकृष्णदामोदरं वासुदेवं हरिम्।श्रीधरं माधवं गोपिकावल्लभंजानकीनायकं...

श्री विष्णु दशावतार स्तोत्रम्

॥ श्री विष्णु दशावतार स्तोत्रम् ॥ प्रलयपयोधिजले धृतवानसि वेदम्।विहितवहित्रचरित्रमखेदम्॥केशव धृतमीनशरीर जय जगदीश हरे॥1॥ क्षितिरतिविपुलतरे तव तिष्ठति...

परमेश्वर स्तुति स्तोत्रम्

॥ परमेश्वर स्तुति स्तोत्रम् ॥ त्वमेकः शुद्धोऽसि त्वयि निगमबाह्या मलमयंप्रपञ्चं पश्यन्ति भ्रमपरवशाः पापनिरताः।बहिस्तेभ्यः कृत्वा स्वपदशरणं...

Explore the History

Lord Kailasavasi Aarti

॥ भगवान कैलासवासी आरती ॥ शीश...

बटुक भैरव नाथ जी की दिव्य लीला

काशी सदैव से ही शिव की प्रिय नगरी रही है। काशी के कण-कण में महादेव स्वयं बसते हैं। एक समय की बात है काशी नगरी में ऐसी लीला प्रकट...

अटूट भक्ति और निस्वार्थ सेवा की अमर कथा

भगवान हनुमान जी का नाम मन में आते ही एक ऐसी शक्ति का अनुभव होता है जो डर को नष्ट कर देती है और...

श्री बजरंग बाण

श्री बजरंग बाण ॥ दोहा ॥ निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय करै सनमान।तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करै हनुमान॥ ॥ चौपाई ॥ जय हनुमन्त सन्त हितकारी। सुनि लीजै प्रभु अरज हमारी॥जन के...