कुंडली बनवाएं
विस्तृत जन्म कुंडली बनवाएं ऑनलाइन, सिर्फ जन्म की तिथि, समय और स्थान से। हमारी कुंडली सेवा आपको देती है वैदिक ज्योतिष पर आधारित भविष्यफल, ग्रह स्थिति और दोषों की जानकारी।
बटुक भैरव नाथ जी की दिव्य लीला
काशी सदैव से ही शिव की प्रिय नगरी रही है। काशी के कण-कण में महादेव स्वयं बसते हैं। एक समय की बात है काशी...
अष्टलक्ष्मी स्तोत्रम्
॥ अष्टलक्ष्मी स्तोत्रम् ॥
॥ आदिलक्ष्मि ॥
सुमनस वन्दित सुन्दरि माधवि, चन्द्र सहोदरि हेममयेमुनिगणमण्डित मोक्षप्रदायनि, मञ्जुळभाषिणि वेदनुते।पङ्कजवासिनि देवसुपूजित, सद्गुण वर्षिणि शान्तियुतेजय...
शिव मानस पूजा स्तोत्रम्
॥ शिव मानस पूजा स्तोत्रम् ॥
रत्नैः कल्पितमासनं हिमजलैः स्नानं...
अष्टलक्ष्मी स्तोत्रम्
॥ अष्टलक्ष्मी स्तोत्रम् ॥
॥ आदिलक्ष्मि ॥
सुमनस वन्दित सुन्दरि माधवि,...
॥ शिव पञ्चाक्षर स्तोत्रम् ॥
॥ शिव पञ्चाक्षर स्तोत्रम् ॥
नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनायभस्माङ्गरागाय महेश्वराय।
नित्याय शुद्धाय दिगम्बरायतस्मै...
शिव मृत्युञ्जय स्तोत्रम्
॥ शिव मृत्युञ्जय स्तोत्रम् ॥
रत्नसानुशरासनं रजताद्रिशृङ्गनिकेतनंशिञ्जिनीकृतपन्नगेश्वरमच्युतानलसायकम्।क्षिप्रदग्धपुरत्रयं त्रिदशालयैरभिवन्दितंचन्द्रशेखरमाश्रये मम किं...
चालीसा
श्री कृष्ण चालीसा
॥ दोहा ॥
बंशी शोभित कर मधुर, नील जलद तन श्याम।अरुण अधर जनु बिम्बा फल, पिताम्बर शुभ साज॥
जय मनमोहन मदन...
॥ श्री दुर्गा चालीसा ॥
॥ चौपाई ॥
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नमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो अम्बे दुःख हरनी॥
निराकार है ज्योति तुम्हारी। तिहूँ लोक फैली उजियारी॥
शशि...
श्री महालक्ष्मी चालीसा
॥ दोहा ॥
जय जय श्री महालक्ष्मी, करूँ मात तव ध्यान।सिद्ध काज मम किजिये, निज शिशु सेवक जान॥
॥ चौपाई ॥
नमो...
आरती
श्री कुबेर चालीसा
॥ दोहा ॥
जैसे अटल हिमालय, और जैसे अडिग सुमेर।ऐसे ही स्वर्ग द्वार पै, अविचल खड़े कुबेर॥
विघ्न हरण मंगल करण,...
॥ शिव चालीसा ॥
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॥ दोहा ॥
जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान।
कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान॥
॥ चौपाई ॥
जय गिरिजा पति दीन...
॥ श्री विन्ध्येश्वरी चालीसा॥
॥ दोहा ॥
नमो नमो विन्ध्येश्वरी, नमो नमो जगदम्ब।
सन्तजनों के काज में, माँ करती नहीं विलम्ब॥
॥ चौपाई ॥
जय जय जय...
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Lord Kailasavasi Aarti
॥ भगवान कैलासवासी आरती ॥
शीश गंग अर्धन्ग पार्वतीसदा विराजत...
॥ श्री बालाजी आरती ॥
॥ श्री बालाजी आरती ॥
ॐ जय हनुमत वीरास्वामी जय...
॥ आरती गजबदन विनायक की ॥
॥ आरती गजबदन विनायक की ॥
आरती गजबदन विनायक की।...
बटुक भैरव नाथ जी की दिव्य लीला
काशी सदैव से ही शिव की प्रिय नगरी रही...
अटूट भक्ति और निस्वार्थ सेवा की अमर कथा
भगवान हनुमान जी का...
श्री बजरंग बाण
श्री बजरंग बाण
॥ दोहा ॥
निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय...
॥ श्री बटुक भैरव आरती ॥
॥ श्री बटुक भैरव आरती ॥
जय भैरव देवा प्रभुजय...
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अष्टकम
शिव अष्टकम
॥ अथ श्री शिवाष्टकम् ॥
प्रभुं प्राणनाथं विभुं विश्वनाथंजगन्नाथ नाथं सदानन्द भाजाम्।भवद्भव्य भूतेश्वरं भूतनाथं, शिवं शङ्करं शम्भु मीशानमीडे॥1॥
गले रुण्डमालं तनौ सर्पजालंमहाकाल कालं गणेशादि पालम्।जटाजूट गङ्गोत्तरङ्गै...
शिव रामाष्टकम
॥ श्री शिवरामाष्टकस्तोत्रम् ॥
शिवहरे शिवराम सखे प्रभो, त्रिविधताप-निवारण हे...
शिव अष्टकम
॥ अथ श्री शिवाष्टकम् ॥
प्रभुं प्राणनाथं विभुं विश्वनाथंजगन्नाथ नाथं...
Adi Shankara Krit Shivashtakam
॥ शिवाष्टकम् ॥
तस्मै नमः परमकारणकारणायदीप्तोज्ज्वलज्ज्वलितपिङ्गललोचनाय।
नागेन्द्रहारकृतकुण्डलभूषणायब्रह्मेन्द्रविष्णुवरदाय नमः शिवाय॥1॥
श्रीमत्प्रसन्नशशिपन्नगभूषणायशैलेन्द्रजावदनचुम्बितलोचनाय।कैलासमन्दरमहेन्द्रनिकेतनायलोकत्रयार्तिहरणाय नमः शिवाय॥2॥
पद्मावदातमणिकुण्डलगोवृषायकृष्णागरुप्रचुरचन्दनचर्चिताय।भस्मानुषक्तविकचोत्पलमल्लिकायनीलाब्जकण्ठसदृशाय...
Achyuta Ashtakam
॥ अच्युताष्टकम् ॥
अच्युतं केशवं रामनारायणंकृष्णदामोदरं वासुदेवं हरिम्।श्रीधरं माधवं गोपिकावल्लभंजानकीनायकं...
स्तोत्र
श्री विष्णु दशावतार स्तोत्रम्
॥ श्री विष्णु दशावतार स्तोत्रम् ॥
प्रलयपयोधिजले धृतवानसि वेदम्।विहितवहित्रचरित्रमखेदम्॥केशव धृतमीनशरीर जय जगदीश हरे॥1॥
क्षितिरतिविपुलतरे तव तिष्ठति...
स्तोत्र
परमेश्वर स्तुति स्तोत्रम्
॥ परमेश्वर स्तुति स्तोत्रम् ॥
त्वमेकः शुद्धोऽसि त्वयि निगमबाह्या मलमयंप्रपञ्चं पश्यन्ति भ्रमपरवशाः पापनिरताः।बहिस्तेभ्यः कृत्वा स्वपदशरणं...
कहानियाँ
बटुक भैरव नाथ जी की दिव्य लीला
काशी सदैव से ही शिव की प्रिय नगरी रही है। काशी के कण-कण में महादेव स्वयं बसते हैं। एक समय की बात है काशी नगरी में ऐसी लीला प्रकट...
कहानियाँ
अटूट भक्ति और निस्वार्थ सेवा की अमर कथा
भगवान हनुमान जी का नाम मन में आते ही एक ऐसी शक्ति का अनुभव होता है जो डर को नष्ट कर देती है और...
चालीसा
श्री बजरंग बाण
श्री बजरंग बाण
॥ दोहा ॥
निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय करै सनमान।तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करै हनुमान॥
॥ चौपाई ॥
जय हनुमन्त सन्त हितकारी। सुनि लीजै प्रभु अरज हमारी॥जन के...


