Monday, February 9, 2026
spot_img
HomeUncategorized॥ आरती गजबदन विनायक की ॥

॥ आरती गजबदन विनायक की ॥

॥ आरती गजबदन विनायक की ॥

आरती गजबदन विनायक की। सुर-मुनि-पूजित गणनायक की॥
आरती गजबदन विनायक की। सुर-मुनि-पूजित गणनायक की॥

आरती गजबदन विनायक की॥

एकदन्त शशिभाल गजानन, विघ्नविनाशक शुभगुण कानन।
शिवसुत वन्द्यमान-चतुरानन, दुःखविनाशक सुखदायक की॥

आरती गजबदन विनायक की॥

ऋद्धि-सिद्धि-स्वामी समर्थ अति, विमल बुद्धि दाता सुविमल-मति।
अघ-वन-दहन अमल अबिगत गति, विद्या-विनय-विभव-दायककी॥

आरती गजबदन विनायक की॥

पिङ्गलनयन, विशाल शुण्डधर, धूम्रवर्ण शुचि वज्रांकुश-कर।
लम्बोदर बाधा-विपत्ति-हर, सुर-वन्दित सब विधि लायक की॥

आरती गजबदन विनायक की॥

Worldwide News, Local News in London, Tips & Tricks

- Advertisement -